सरकारी योजना में घूस का खेल, एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई
कुशीनगर जिले के पशुपालन विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन टीम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ से जुड़ा है, जिसका लाभ दिलाने के एवज में अधिकारी द्वारा अवैध वसूली का प्रयास किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता दिनेश कुमार गुप्ता, जो तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बरवांराजा पाकड़ गांव के निवासी हैं, ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) गोरखपुर सेक्टर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत सरकारी सहायता राशि स्वीकृत करने के बदले डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी ने उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद रिश्वत की राशि 30 हजार रुपये तय की गई। पीड़ित किसान ने घूस देने के बजाय आरोपी अधिकारी को कानून के दायरे में लाने का निर्णय लिया और सतर्कता विभाग को इसकी सूचना दी।
सतर्कता विभाग ने बिछाया जाल
शिकायत की सत्यता की पुष्टि होने के बाद, पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) घनश्याम चौरसिया के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में सतर्कता टीम ने शनिवार को अपनी रणनीति के अनुसार विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय के पास जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने निर्धारित 30 हजार रुपये की रकम डॉ. शांति प्रकाश द्विवेदी को दी, सतर्कता विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की नकदी भी बरामद कर ली है।
विभागीय कार्रवाई और संदेश
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जैसे जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी की गिरफ्तारी ने जिले के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। सतर्कता विभाग के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। विभाग ने आम जनता को सचेत करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी लोक सेवक किसी सरकारी कार्य के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक सतर्कता विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401870 पर तत्काल सूचना दे सकते हैं। यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।