परतावल में अंत्येष्टि स्थल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
महाराजगंज जिले के परतावल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रुद्रापुर गांव में सरकारी धन से बन रहे अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 25 लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस शवदाह स्थल के निर्माण में गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इस संरचना की मजबूती पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
गुणवत्ता और मानकों को लेकर क्या हैं आरोप?
स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की जांच की मांग करते हुए कई अहम सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में मानक के विपरीत सफेद बालू का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, उपयोग में लाए जा रहे सीमेंट की गुणवत्ता और सरिया के अनुपात पर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए एक आधुनिक और सुविधायुक्त परिसर उपलब्ध कराना था। योजना के तहत यहाँ शवदाह स्थल, एक कार्यालय, स्टोर रूम, शौचालय, शांति स्थल और परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य होना प्रस्तावित था। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ब्लॉक के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निर्माण कार्य की निगरानी के लिए कभी नहीं पहुंचते हैं, जिसका फायदा उठाकर निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है।
अधिकारियों का पक्ष और अगली कार्रवाई
निर्माण में बरती जा रही कथित लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। खंड विकास अधिकारी (BDO) कृष्ण कांत शुक्ला ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि उन्हें निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं की जानकारी मिली है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगा। कृष्ण कांत शुक्ला ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही कार्यस्थल का निरीक्षण किया जाएगा और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं, ताकि सरकारी धन का सही सदुपयोग हो सके।