मामले का विवरण
महाराजगंज जिले के विकासखंड लक्ष्मीपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोट कम्हरिया स्थित गौशाला एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गौशाला परिसर में मृत गोवंशों के अवशेष और हड्डियां जमीन में दबे होने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीणों और संगठनों का आक्रोश
बुधवार को हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर खंड विकास अधिकारी (BDO) के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। सत्यम सोनी, अभय राय, रामप्रीत, शिवांश पांडेय, अमन चौधरी और दयानंद सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने गौशाला के संचालन में बरती जा रही घोर लापरवाही की शिकायत की है।
शिकायत में गौवंशों के भरण-पोषण, चारे-पानी की व्यवस्था और उनके स्वास्थ्य देखभाल संबंधी अभिलेखों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गौवंशों की मौत के बाद नियमानुसार निस्तारण करने के बजाय उन्हें जमीन में दबा दिया गया, जो प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट संकेत है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) मृत्युंजय यादव ने तुरंत संज्ञान लिया है। बीडीओ ने एडीओ पंचायत को घटना की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बीडीओ मृत्युंजय यादव ने बताया, ‘हमें कोट कम्हरिया गौशाला के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। एडीओ पंचायत को प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए हैं। गुरुवार को मैं स्वयं मौके पर पहुंचकर तथ्यों की पुष्टि करूंगा।’
स्थानीय लोगों की चेतावनी
गौशाला प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है। संगठन के सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लीपापोती की गई या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे नौतनवा तहसील का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में गौशाला के प्रबंधन और गौवंशों की सुरक्षा को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।