सत्संग के माध्यम से समाज को नैतिकता का संदेश
कुशीनगर जिले के विकास खण्ड मोतीचक अंतर्गत ग्राम सभा अथरहा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में परम संत बाबा जयगुरुदेव महाराज के अनुयायी और संदेश वाहक बैकुंठ दूबे ने मानव जीवन को सफल बनाने के लिए शाकाहार और सदाचार को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन की सार्थकता उच्च विचारों और ईश्वर की भक्ति में निहित है।
शाकाहार और नशामुक्त समाज पर जोर
बैकुंठ दूबे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग के इस दौर में स्वयं को सही मार्ग पर रखने के लिए सत्संग और ध्यान का बहुत महत्व है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सच्ची सभ्यता केवल अंग्रेजी या आधुनिक विज्ञान पढ़ने से नहीं आती, बल्कि अपने जीवन से अंडा, मछली और शराब जैसे व्यसनों को पूरी तरह त्यागने से आती है। उन्होंने सभी से नशामुक्त जीवन जीने और प्रेम व करुणा के साथ एक-दूसरे का सम्मान करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- मानव जीवन में अच्छे विचारों और अच्छी संगत का महत्व।
- बाबा जयगुरुदेव महाराज के शाकाहार और नशामुक्त जीवन के संदेश का प्रसार।
- सभी धर्मों का सम्मान करने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील।
आयोजन और उपस्थिति
इस आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रीराम कुशवाहा द्वारा किया गया था, जिन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और अनुयायी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जय कुमार उर्फ नन्हे बाबू, सुरेश कुशवाहा, मदन यादव, अजय सिंह, एडवोकेट अवनीश सिंह, धर्मेंद्र प्रजापति, सुदामा कुशवाहा, श्रीराम शर्मा, चंद्रेश सिंह, गौतम मुनि तिवारी, मनीष मिश्र, संजय पाण्डेय और अशोक सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।