गोरखपुर में विकास की नई रफ्तार: सीएम योगी करेंगे परियोजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार, 1 नवंबर 2026 को गोरखपुर जिले को 1663 करोड़ रुपये की लागत वाली 88 प्रमुख विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री अपने दो अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से बुनियादी ढांचे, सुगम यातायात, बाढ़ बचाव और सीवरेज प्रबंधन से जुड़ी इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
चौरीचौरा में रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण
मुख्यमंत्री का पहला कार्यक्रम पूर्वाह्न चौरीचौरा के भोपा बाजार में आयोजित होगा। यहाँ वह गोरखपुर-भटनी रेल खंड पर स्थित समपार संख्या 147बी पर 59.44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वे कुल 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 अन्य विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इनमें मुख्य रूप से जगदीशपुर से सरैया ब्लॉक होते हुए देवरिया मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और बाढ़ बचाव कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री चौरीचौरा शहीद स्मारक पर जाकर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
गोड़धोइया नाला परियोजना और सीवरेज का विस्तार
दोपहर बाद आयोजित होने वाले दूसरे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे, जो 495.24 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इसके साथ ही वे 92.72 करोड़ रुपये के दूसरे चरण, नाले के समानांतर सड़क निर्माण (65.93 करोड़) और 721.40 करोड़ रुपये की लागत वाली गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 का शिलान्यास करेंगे।
गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण में 9.25 किलोमीटर लंबे नाले में 7.75 किमी पक्के निर्माण के साथ 17.50 किमी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाई गई है। इसके अलावा 38 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एक मेन पंपिंग स्टेशन स्थापित किया गया है, जिससे महानगर के उत्तरी छोर के 17 वार्डों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
शहर के 17 वार्डों को मिलेगा लाभ
गोरखपुर सीवरेज जोन ए-3 परियोजना के तहत 17 वार्डों को कवर किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत लगभग 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी और 43,604 घरों को सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। गोड़धोइया नाला परियोजना के दूसरे चरण में शेष 1.50 किमी हिस्से को पक्का करने के साथ ही लैंडस्केपिंग और स्ट्रीट लाइट के कार्य किए जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी।