खराब मौसम के चलते बदला रॉकेट प्रक्षेपण कार्यक्रम
कुशीनगर के सेवरही में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘IN-SPACE नारायणी रॉकेट्री कप-2026’ के दूसरे दिन शनिवार को खराब मौसम का असर देखने को मिला। प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण निर्धारित रॉकेट प्रक्षेपण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, इस बाधा के बावजूद आयोजन की अन्य तकनीकी गतिविधियां पूरी ऊर्जा के साथ जारी रहीं।
प्रतियोगिता के तकनीकी सत्रों का आयोजन जगदीश पब्लिक स्कूल परिसर में किया गया। इस दौरान देशभर से आए छात्र-छात्राओं ने अपने द्वारा तैयार किए गए मॉडल रॉकेट और कैनसेट (CanSat) डिजाइनों का प्रस्तुतीकरण वरिष्ठ वैज्ञानिकों के समक्ष किया।
युवा वैज्ञानिकों के मॉडलों की तकनीकी समीक्षा
तकनीकी रिव्यू के दौरान प्रतिभागियों ने अपने रॉकेट की संरचना, निर्माण प्रक्रिया और कार्यप्रणाली से जुड़े जटिल पहलुओं को वैज्ञानिकों के सामने स्पष्ट किया। वरिष्ठ विशेषज्ञों की टीम ने प्रत्येक टीम के मॉडल की सुरक्षा मानकों और तकनीकी क्षमता का बारीकी से निरीक्षण किया।
आयोजकों के अनुसार, इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को परखना है। 76 छात्र टीमें, जिनमें कुल 608 विद्यार्थी और 150 मेंटर शामिल हैं, इस चार दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा हैं। यह प्रतियोगिता 31 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक संचालित है।
सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
कार्यक्रम में पहुंचे सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने युवा वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की प्रगति में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसरो द्वारा हाल ही में एनवीएस-03 उपग्रह के सफल प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए इसे भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण बताया।
सांसद ने जगदीश पब्लिक स्कूल, गौरी श्रीराम में प्रतिभागियों से संवाद किया और उनकी तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुशीनगर की धरती पर देशभर से आए युवाओं का जमावड़ा विज्ञान और तकनीक के प्रति इस क्षेत्र के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की स्थिति
जंगलीपट्टी स्थित नारायणी मॉडल रॉकेट्री प्रक्षेपण स्थल पर युवा वैज्ञानिक अपने तकनीकी कौशल को प्रदर्शित करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। फिलहाल मौसम में सुधार होने पर ही प्रक्षेपण की अगली तिथि तय की जाएगी। आयोजन समिति ने प्रतिभागियों को धैर्य रखने और अपनी तकनीकी तैयारियों को और बेहतर बनाने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति सुरक्षा और मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर बनाए हुए है।