दिवाली पर मिलावट का खतरा
दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही गोरखपुर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। लोग मिठाइयों, नमकीन, और ड्राई फ्रूट्स की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, इस उत्सव के मौसम में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की संभावना भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए गोरखपुर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नागरिकों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी और अलर्ट जारी किया है।
इन 6 खाद्य पदार्थों पर रखें नजर
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने विशेष रूप से 6 खाद्य सामग्रियों की पहचान की है, जिनमें मिलावट का सबसे अधिक जोखिम रहता है। उपभोक्ताओं को निम्नलिखित चीजों को खरीदते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
- मिठाइयां: दूध और खोया से बनी मिठाइयों में सिंथेटिक दूध या स्टार्च की मिलावट हो सकती है।
- ड्राई फ्रूट्स: चमक बढ़ाने के लिए रसायनों या खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों का प्रयोग।
- मैदा: इसमें चॉक पाउडर या अन्य सफेद पाउडर की मिलावट की आशंका रहती है।
- भुजा और लाई: इनके क्रिस्प और सफेद रंग को बरकरार रखने के लिए हानिकारक ब्लीच का इस्तेमाल हो सकता है।
- गट्टे वाली मिठाई: रंग और मिठास के लिए अखाद्य रंगों का प्रयोग।
- स्नैक्स और नमकीन: खराब तेल या एक्सपायर्ड सामग्री का उपयोग।
खाद्य विभाग का सुझाव और सुरक्षा के उपाय
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ खरीदते समय दुकान पर मौजूद खाद्य लाइसेंस की जांच अवश्य करें। बिना लाइसेंस वाली दुकानों से सामान खरीदने से बचें, क्योंकि वहां गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती। ग्राहकों को पैकेट बंद सामान खरीदते समय उस पर अंकित एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और इंग्रेडिएंट्स (सामग्री की सूची) को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।
यदि किसी उपभोक्ता को संदेह होता है कि वस्तु मिलावटी है, तो वे तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग के स्थानीय कार्यालय से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। त्योहार का आनंद लेने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना भी उतना ही आवश्यक है। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को भी चेतावनी दी है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और विभाग की टीम बाजारों में औचक निरीक्षण जारी रखेगी।