गोंड-धुरिया समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में सोमवार को गोंड-धुरिया समाज ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास का घेराव किया। ‘मूलनिवासी आदिवासी आर्मी’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में समाज के सैकड़ों लोगों ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन के अधिकारी और लेखपाल लगातार समाज के लोगों को परेशान कर रहे हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्होंने सैकड़ों बार आवेदन दिया है, लेकिन बावजूद इसके प्रमाण पत्र जारी करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। बार-बार तहसील के चक्कर लगाने के कारण आवेदकों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाज का अधिकार सुरक्षित करने की मांग
मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद गोंड-धुरिया समाज को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोंड समाज के वोटों से चुनकर आए जनप्रतिनिधियों को अब समाज की समस्याओं पर जवाब देना होगा। जिला अध्यक्ष सूरज कुमार गोंड ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो समाज आगामी दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सभासद दीपक गोंड और राज गोंड ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाओं ने भागीदारी सुनिश्चित की। प्रदर्शनकारियों में गोपाल जी गोंड, बबलू गोंड, दिलीप गोंड, चंदा बाबू गोंड, संदीप गोंड, प्रमोद गोंड, राहुल गोंड, सुरेंद्र, विनोद, मनीष गोंड, राघव धुर्वे गोंड, अवनीश गोंड, प्रेम गोंड, त्रिभुवन गोंड, जीउत गोंड, अखिल गोंड, अखिलेश्वर गोंड, नीतीश गोंड, मदन गोंड, उदय प्रताप गोंड, सोनू गोंड, मिथलेश और विशाल गोंड शामिल रहे। इसके अलावा लक्ष्मी देवी, किरण, प्रीति, कीर्ति, बिंदु देवी, सुमन, सीमा, रीना और ममता देवी सहित क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं मौजूद थीं। समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।