मोक्षधाम के विकास में बड़ी बाधा दूर
कुशीनगर जिले के विकास खण्ड मोतीचक के अंतर्गत आने वाले मथौली बाजार के निकट सोहसा मोक्षधाम में विकास कार्यों ने गति पकड़ ली है। मंगलवार सुबह एक महत्वपूर्ण तकनीकी बाधा को दूर करते हुए, घाट तक बनने वाले पक्के रास्ते के मार्ग में आ रहे एक विशाल सूखे वृक्ष की जड़ को दो जेसीबी मशीनों के माध्यम से हटा दिया गया। कई दिनों से चल रहे इस श्रमदान और तकनीकी प्रयास के सफल होने से अब पक्के रास्ते के निर्माण में आ रही रुकावट पूरी तरह समाप्त हो गई है।
जनसहयोग से लिखी जा रही विकास की इबारत
करीब 100 गांवों की आस्था का केंद्र माने जाने वाले इस मोक्षधाम के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय निवासी स्वयं आगे आए हैं। लंबे समय तक सरकारी औपचारिकताओं का इंतजार करने के बाद, क्षेत्रवासियों ने ‘नयी दिशा पर्यावरण सेवा संस्थान’ के सचिव डॉ. हरिओम मिश्र के नेतृत्व में सामूहिक रूप से निर्माण का बीड़ा उठाया है। नवरात्र की अष्टमी तिथि को वैदिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा मंगलगीतों के बीच इस खड़ंजा निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया था, जिसमें स्थानीय दिव्यांग अभिषांक शर्मा ने पहली ईंट रखकर इसकी नींव रखी।
सामुदायिक भागीदारी और आगामी कार्ययोजना
इस निर्माण कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों का व्यापक सहयोग देखने को मिल रहा है। परवरपार निवासी रजनीकांत राव और कुरहवा के ग्राम प्रधान रघुनाथ यादव ने निर्माण सामग्री के रूप में ईंटें उपलब्ध कराई हैं। इसके साथ ही एडवोकेट विपिन तिवारी, मंजीत गुप्ता और दुबौली के प्रधान सेवालाल यादव सहित क्षेत्र के अनेक प्रबुद्धजनों ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग के माध्यम से इस पहल को मजबूती प्रदान की है।
परियोजना की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए डॉ. हरिओम मिश्र ने बताया कि पहले चरण में घाट तक सुगम पक्का मार्ग तैयार किया जा रहा है। इसके बाद, आने वाले समय में स्नान घाट, बैठने की उचित व्यवस्था और शवदाह से संबंधित आवश्यक सुविधाओं का चरणबद्ध निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के निवासियों से इस पवित्र और जनहित के कार्य में अधिक से अधिक सहयोग देने की अपील की है, ताकि मोक्षधाम को एक आधुनिक और सुविधायुक्त परिसर के रूप में विकसित किया जा सके।