जिला अस्पताल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
महाराजगंज जिला अस्पताल में शनिवार को ‘ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह’ के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने दैनिक खानपान में जरूरी बदलाव करने की सलाह दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के साथ-साथ ई-कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।
विशेषज्ञों की स्वस्थ रहने के लिए अहम सलाह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश रमन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य की नींव संतुलित आहार पर टिकी है। उन्होंने सलाह दी कि भोजन में ताजे फलों, हरी सब्जियों, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन को शामिल करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, चीनी, नमक, अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों और जंक फूड का सेवन सीमित करना सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एवी त्रिपाठी ने जल के महत्व पर जोर देते हुए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। वहीं, वरिष्ठ सर्जन डॉ. विभूति शुक्ला ने पैदल चलने की आदत को फिटनेस का आधार बताया। उन्होंने कहा कि फिट रहने के लिए हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम सात से दस हजार कदम पैदल चलना चाहिए। डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने पर्याप्त नींद पर जोर देते हुए कहा कि शरीर की रिकवरी और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए हर रात सात से आठ घंटे की नींद अत्यंत आवश्यक है।
मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
डॉक्टरों ने केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति भी लोगों को सचेत किया। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज जायसवाल ने तनाव से दूर रहने और हमेशा सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की अपील की। वहीं, ईएनटी सर्जन डॉ. अनिरुद्ध चौहान ने युवाओं को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की नसीहत दी।
कार्यक्रम में डॉ. कुंदन झा ने ई-कचरे के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए पर्यावरण संरक्षण का मंत्र दिया। उन्होंने ‘रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल’ (कम करना, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण) के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कचरे के साथ फेंकने के बजाय इसके निर्धारित निस्तारण की व्यवस्था का पालन करना चाहिए। अस्पताल के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीजों के तीमारदारों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया।