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Maharajganj News: महिला अस्पताल में लावारिस बच्चों के लिए बनेगी विशेष व्यवस्था

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महराजगंज महिला अस्पताल में लावारिस बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था

महराजगंज जिले के जिला महिला अस्पताल में अब लावारिस और बेसहारा बच्चों को एक नया और सुरक्षित सहारा मिलने जा रहा है। जिला प्रशासन ने दत्तक ग्रहण योजना के अंतर्गत सितंबर महीने से अस्पताल परिसर में ही इन बच्चों की देखरेख के लिए एक विशेष व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लावारिस बच्चों को सुरक्षित वातावरण के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस योजना के लिए जिला महिला अस्पताल में एक कमरा विशेष रूप से आरक्षित किया गया है। वर्तमान में जो बच्चे लावारिस अवस्था में मिलते हैं, उन्हें ‘वन स्टॉप सेंटर’ में रखा जा रहा था। अब अस्पताल में स्थायी व्यवस्था होने से इन बच्चों को उपचार और देखभाल के लिए बार-बार अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

टीम करेगी बच्चों की देखरेख

इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए स्वास्थ्य और प्रोबेशन विभाग द्वारा कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। बच्चों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए एक समर्पित टीम तैनात रहेगी, जिसमें निम्नलिखित शामिल होंगे:

  • प्रबंधक (Manager)
  • केस वर्कर (Case Worker)
  • स्टाफ नर्स (Staff Nurse)
  • आया (Aaya)

इन कर्मचारियों की सीधी निगरानी में बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं और पोषण का ध्यान रखा जाएगा। यदि कोई बच्चा अस्वस्थ पाया जाता है, तो उसे तत्काल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हो सके।

0 से 10 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा लाभ

जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से 0 से 10 वर्ष की आयु के उन बच्चों के लिए है जो बेसहारा या लावारिस स्थिति में पाए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जो भी बच्चे लावारिस मिलते हैं, उन्हें सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित केंद्र में रखकर सुरक्षा प्रदान की जाती है।

अस्पताल में यह अतिरिक्त सुविधा शुरू होने से न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। प्रशासन का मानना है कि अस्पताल के अंदर ही सुरक्षित कमरा मिलने से आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों में बच्चों को समय पर इलाज मिल पाना आसान हो जाएगा।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

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