गोरखपुर में खाद्य तेल की गुणवत्ता को लेकर सख्त जांच अभियान
गोरखपुर जिले के बाजारों और विभिन्न खानपान प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल की शुद्धता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जिले के कई होटलों और रेस्टोरेंटों में एक ही तेल को बार-बार उच्च तापमान पर गर्म (Reheating) किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस प्रक्रिया से तेल में हानिकारक तत्व उत्पन्न होते हैं, जो सीधे तौर पर ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने गोरखपुर शहर के प्रमुख बाजारों में सघन निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के पास मौजूद विशेष उपकरणों का उपयोग करके मौके पर ही तेल के टोटल पोलर कंपाउंड (TPC) स्तर की जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार, यदि किसी तेल में TPC का स्तर 25 प्रतिशत से अधिक पाया जाता है, तो उसे खाने के लिए अयोग्य और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार तेल गर्म करने से उसकी पोषण क्षमता समाप्त हो जाती है और वह ‘धीमे जहर’ की तरह कार्य करने लगता है।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सावधानी
प्रशासन ने गोरखपुर के निवासियों और उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे बाहर का भोजन करते समय तेल की गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहें। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं:
- किसी भी पैकेट बंद खाद्य तेल को खरीदने से पहले उसकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच अनिवार्य रूप से करें।
- FSSAI का लाइसेंस और लोगो जरूर देखें, जो तेल की शुद्धता और मानकों का प्रमाण है।
- यदि रेस्टोरेंट में उपयोग किया गया तेल गहरा काला या अत्यधिक गाढ़ा दिखाई दे, तो उस भोजन से परहेज करें।
- अत्यधिक तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित करें, क्योंकि उनमें बार-बार गर्म किए गए तेल का उपयोग होने की संभावना अधिक होती है।
आगे की रणनीति और प्रशासन का निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी दुकानदारों और होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। नियमानुसार तेल का बार-बार उपयोग करना दंडनीय अपराध है और भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिले के सभी थोक और खुदरा विक्रेताओं को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे केवल मानक युक्त और सीलबंद खाद्य उत्पादों की ही बिक्री करें। प्रशासन इस अभियान को आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक बनाने की तैयारी कर रहा है, ताकि शहर के लोगों को स्वच्छ और पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।