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कुशीनगर में तेज डीजे बजाना पड़ा महंगा, 10 संचालकों पर FIR दर्ज

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घटना का पूरा विवरण

कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 10 सितंबर की रात हाटा के गांधी चौक और देवरिया मोड़ के पास डोल मेले का आयोजन किया गया था। इस दौरान डीजे संचालकों द्वारा अत्यधिक तेज आवाज में संगीत बजाया गया, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और शोर प्रदूषण के मानकों का सीधा उल्लंघन हुआ।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक शांति भंग करने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए हाटा कोतवाली पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल की। जांच के उपरांत 12 सितंबर को पुलिस ने नामजद 10 व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में ध्वनि नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं को शामिल किया गया है।

आरोपियों की सूची

पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • आकाश मद्धेशिया
  • गुड्डू सिंह (शगुन डीजे)
  • अक्षय रावत
  • प्रेम (प्रेम डीजे)
  • अजीत जायसवाल उर्फ भेगुन
  • बृजेश यादव (दिनेश डीजे)
  • प्रिंस मद्धेशिया
  • सुबोध विश्वकर्मा (विश्वकर्मा डीजे)
  • विशाल कुशवाहा
  • कमलेश यादव (न्यू यादव डीजे)

मामले की वर्तमान स्थिति

कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तेज आवाज में डीजे बजाने के चलते लोगों के स्वास्थ्य और सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। फिलहाल पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय स्तर पर डीजे संचालकों और आयोजकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार के सार्वजनिक उत्सव या कार्यक्रम में निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त विधिक कार्रवाई जारी रहेगी।

स्थानीय लोगों पर असर

तेज आवाज वाले डीजे से क्षेत्र के बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा था। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे सुकून के लिए जरूरी बताया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रदूषण या अव्यवस्था की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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