नॉरसेट-11 परीक्षा में एम्स गोरखपुर का परचम
एम्स गोरखपुर के नर्सिंग महाविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता का लोहा मनवाया है। हाल ही में घोषित नॉरसेट-11 (NORCET-11) के परिणामों में एम्स गोरखपुर की छात्रा साक्षी मलिक ने अखिल भारतीय स्तर पर 11वीं रैंक प्राप्त कर संस्थान का मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि संस्थान के लिए विशेष है क्योंकि यह एम्स गोरखपुर के बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग के पहले बैच की सफलता की कहानी है।
पहले बैच की बड़ी उपलब्धि
वर्ष 2022 में स्थापित हुए एम्स गोरखपुर के नर्सिंग महाविद्यालय का पहला बैच इस वर्ष 2026 में उत्तीर्ण हुआ है। पहले ही बैच के विद्यार्थियों ने जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर सफलता दर्ज की है, वह संस्थान के शैक्षणिक स्तर को रेखांकित करती है। परीक्षा में एम्स गोरखपुर के कुल 11 विद्यार्थियों का चयन नर्सिंग अधिकारी के रूप में हुआ है, जो भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न अंग बनेंगे। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय के छह विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफलतापूर्वक अर्हता (Qualify) प्राप्त की है, जिससे उनके लिए एम्स नई दिल्ली और एम्स ऋषिकेश जैसे देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के दरवाजे खुल गए हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशासनिक मार्गदर्शन
इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत के साथ-साथ संस्थान के नेतृत्व और मार्गदर्शन को दिया जा रहा है। एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. विभा दत्ता ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उनके नेतृत्व में संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विशेष दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज की प्रोफेसर-सह-प्रधानाचार्य डॉ. रेणुका के. की देखरेख में संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को निरंतर व्यक्तिगत मार्गदर्शन और चिकित्सकीय अभ्यास के जरिए दक्ष बनाने का कार्य किया है।
भविष्य के लिए बेहतर अवसर
एम्स गोरखपुर का मुख्य उद्देश्य ऐसे नर्सिंग पेशेवर तैयार करना है जो न केवल तकनीकी रूप से दक्ष हों, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील भी रहें। यह सफलता न केवल साक्षी मलिक जैसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि संस्थान के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। आने वाले समय में, ये उत्तीर्ण विद्यार्थी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।