विशेष पॉक्सो अदालत में सुनवाई
गोरखपुर बालिका हत्याकांड मामले में शनिवार को विशेष पॉक्सो अदालत में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ी। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) शमीम अहमद अंसारी की अदालत में इस महत्वपूर्ण मामले के पंचनामा गवाह से जिरह की गई। यह प्रक्रिया मामले की सच्चाई और तथ्यों के कानूनी परीक्षण का एक अहम हिस्सा है।
मामले की पृष्ठभूमि और आरोपी
यह मामला 28 जुलाई का है, जब 10 वर्षीय एक बालिका का जिला अस्पताल से कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था। आरोपी अभिषेक यादव पर आरोप है कि उसने अपहरण के बाद बालिका के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। बालिका का शव 30 जुलाई को चिउटहा के पास रोहिन नदी के किनारे बरामद हुआ था। आरोपी अभिषेक यादव घटना के समय डायल-112 सेवा में तैनात था, जिसने इस वारदात को अंजाम दिया।
न्यायिक प्रक्रिया और अगली तारीख
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक राघवेंद्र त्रिपाठी और राम मिलन सिंह ने गवाह का मुख्य बयान दर्ज कराया। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेश सिंह और डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल भगत गौड़ ने गवाह से जिरह की। बचाव पक्ष ने शुक्रवार को भी गवाह से प्रति-परीक्षा की थी। अब अदालत ने इस हत्याकांड मामले में अगली सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। वर्तमान में विशेष पाक्सो न्यायालय में गवाहों के बयान दर्ज करने और उन पर जिरह की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
स्थानीय स्तर पर कानूनी कार्यवाही का महत्व
यह मामला गोरखपुर में अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी एक सरकारी सेवा से जुड़ा हुआ था। स्थानीय निवासी और पीड़ित परिवार लगातार न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। अदालत में चल रही गवाहों की यह जिरह मामले के निर्णायक मोड़ तक पहुंचने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासन और पुलिस की ओर से भी साक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मामले का निष्पक्ष निपटारा हो सके।