41 वर्षों से चली आ रही है गोला बाजार की यह परंपरा
गोरखपुर जिले के उपनगर गोला बाजार में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा पूजा का आयोजन अपनी भव्यता और अनूठी झांकियों के लिए क्षेत्र भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शनिवार की सुबह ढोल-ताशों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद मां दुर्गा के पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रीश्री महाशक्तिशाली दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अपनी 41वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1985 में हुई थी।
नेपाल आपदा से लेकर केदारनाथ मंदिर तक का चित्रण
इस वर्ष का दुर्गा पूजा पंडाल अपनी कलात्मक प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से सराहा जा रहा है। समिति ने पंडाल के भीतर धार्मिक आस्था के साथ-साथ देश और दुनिया की संवेदनशील घटनाओं को जीवंत झांकियों के माध्यम से दर्शाया है। इसमें नेपाल में आई भीषण आपदा, पुलवामा आतंकी हमले की दर्दनाक स्मृतियों और केदारनाथ मंदिर की भव्य प्रतिकृति को विशेष स्थान दिया गया है। इन झांकियों को तैयार करने के लिए कोलकाता से कुशल कारीगरों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपनी सूक्ष्म कलाकारी से पंडाल को एक अनूठा स्वरूप दिया है। समिति के अनुसार, इस वर्ष पंडाल निर्माण और सजावट पर लगभग आठ लाख रुपये का बजट व्यय किया गया है।
समिति के सदस्यों का योगदान और सुरक्षा व्यवस्था
इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के प्रमुख सदस्यों, जिनमें मुकेश जायसवाल, सुमित जायसवाल, विपिन जायसवाल, सत्यानंद तिवारी, पुष्कर और राहुल राज वर्मा शामिल हैं, का अथक प्रयास रहा है। सदस्यों ने बताया कि चार दशकों से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के बीच सामाजिक एकजुटता का भी एक बड़ा माध्यम है। पट खुलने के साथ ही अब श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष अपील
गोला बाजार की इस भव्य दुर्गा पूजा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए समिति की ओर से कतारबद्ध होकर दर्शन करने का अनुरोध किया गया है। भारी जनसमूह को देखते हुए स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पंडाल परिसर के आसपास स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।