महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन का भव्य आयोजन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक कन्या पूजन संपन्न किया। मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा और सम्मान का संदेश देते हुए, मुख्यमंत्री ने नौ दुर्गा स्वरूपा नन्हीं बालिकाओं के पांव पखारे और विधि-विधान से उनका पूजन किया। यह अनुष्ठान गोरक्षपीठ की दशकों पुरानी परंपरा के अनुरूप संपन्न हुआ, जो नारी शक्ति के सशक्तिकरण और सम्मान को समर्पित है।
विधि-विधान से हुआ पूजन और बटुक अर्चन
गोरखनाथ मंदिर के अन्न क्षेत्र में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पीतल की परात में बालिकाओं के चरण धोए। इसके बाद उन्होंने कुंवारी कन्याओं के माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाया। परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को चुनरी ओढ़ाई, पुष्प अर्पित किए और शक्तिपीठ की वेदी पर उगाए गए जौ के ज्वारे से उनका अभिषेक किया। कन्या पूजन के साथ ही उन्होंने बटुक पूजन भी संपन्न किया, जो भगवान भैरव के स्वरूप के रूप में मान्य है।
भोजन और उपहारों से बढ़ा बालिकाओं का उत्साह
पूजन के पश्चात, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्याओं और बटुकों को अपने हाथों से ताजा भोजन प्रसाद परोसा। मंदिर की रसोई में तैयार किए गए भोजन को परोसते समय मुख्यमंत्री का आत्मीय भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित बालिकाओं और बटुकों को उपहार और दक्षिणा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने स्वयं थाली की व्यवस्था की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि सभी बच्चों को पर्याप्त भोजन मिले, साथ ही वे बच्चों से निरंतर संवाद भी करते रहे। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह चरम पर था और बालिकाओं में मुख्यमंत्री का स्नेह पाकर विशेष प्रसन्नता देखी गई।
मातृ शक्ति के सम्मान का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह अनुष्ठान न केवल धार्मिक परंपरा का पालन है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और ‘मिशन शक्ति’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। नवरात्रि के समापन पर आयोजित इस कन्या भोज और पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और नागरिक मंदिर परिसर में जुटे थे। मंदिर प्रशासन ने आयोजन के दौरान सुरक्षा और भोजन व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, ताकि किसी भी आगंतुक को असुविधा न हो।