गोरखपुर में यूपी का पहला वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय
उत्तर प्रदेश के शैक्षिक और पर्यावरणीय परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रदेश का पहला ‘वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज तहसील अंतर्गत भारीबैसी क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। लगभग 491 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह विश्वविद्यालय न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे राज्य के लिए वानिकी और बागवानी के क्षेत्र में अनुसंधान का मुख्य केंद्र बनेगा।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की योजना के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा ताकि छात्रों को शोध और नवाचार का बेहतर माहौल मिल सके। विश्वविद्यालय की बुनियादी सुविधाओं में निम्नलिखित प्रावधान शामिल हैं:
- कुल 895 छात्रों की क्षमता वाला आधुनिक हॉस्टल, जहां छात्रों के लिए आवास की समुचित व्यवस्था होगी।
- परिसर में 401 आवासीय इकाइयों (रेसिडेंशियल यूनिट्स) का निर्माण किया जाएगा, जो शिक्षण संकाय और कर्मचारियों के लिए उपयोगी होंगे।
- विश्वविद्यालय में वन्यजीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, उन्नत बागवानी तकनीक और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों पर केंद्रित पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे।
शिक्षा और अनुसंधान का नया केंद्र
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य कृषि और वानिकी के क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय में होने वाला अनुसंधान न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बागवानी और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करेगा। यह संस्थान जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेषज्ञों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव
कैम्पियरगंज के भारीबैसी में इस विश्वविद्यालय के निर्माण से इस क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं ताकि गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर काम पूरा हो सके। स्थानीय निवासियों और युवाओं के लिए यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के नए रास्ते खोलेगा। उम्मीद है कि यह संस्थान आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में वानिकी विज्ञान के क्षेत्र में एक अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में उभरेगा।