बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए विपक्षी दलों के खिलाफ जोरदार सियासी मोर्चा खोला। बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री नितिन नबीन की अगुवाई में निकाली गई इस विशाल पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, एनडीए के घटक दलों के वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक शामिल हुए।
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर यह पदयात्रा कचहरी चौराहा, इंदिरा बाल विहार तिराहा और गोलघर काली मंदिर होते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंची। पदयात्रा के दौरान मार्ग में 18 अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया, जिससे पूरा शहर भगवामय नजर आया।
विपक्ष पर बरसे नितिन नबीन: राहुल गांधी को बताया ‘फुस्स रॉकेट’
पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री नितिन नबीन ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे प्रहार किए। नबीन ने कहा कि देशभर में एनडीए की पदयात्राओं को जनता का जो अपार समर्थन मिल रहा है, उससे विपक्षी दलों में हताशा है। दिल्ली में विपक्ष के हालिया प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि विपक्ष अपनी ताकत दिखाने में पूरी तरह विफल रहा है, जबकि एनडीए की जिला स्तरीय यात्राओं में उससे कहीं अधिक भीड़ जुटी है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नबीन ने कहा कि वे देश की जनता को भरमाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ‘नया भारत’ अब उनके बहकावे में आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “भारतीय लोकतंत्र में इतनी ताकत है कि राहुल गांधी जैसे तथाकथित युवराज आते-जाते रहेंगे, लेकिन इस देश पर राज नरेंद्र मोदी ही करेंगे।”
आपातकाल और कांग्रेस का इतिहास
नितिन नबीन ने कांग्रेस पर लोकतंत्र का सम्मान न करने का आरोप लगाया। उन्होंने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस कांग्रेस ने अदालत के फैसलों को बदलने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था, उसे आज लोकतंत्र पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा से डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान किया है और उन्हें चुनाव हराने की साजिशें रची हैं।
‘जीतें तो पुरुषार्थ, हारें तो EVM पर दोष’: CM योगी का तंज
जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। सीएम योगी ने कहा कि चुनाव में हार के बाद ईवीएम पर ठीकरा फोड़ना विपक्ष की पुरानी आदत हो गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब विपक्ष ईवीएम से चुनाव जीतता है तो उसे अपनी उपलब्धि बताते हैं, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है तो मशीन में दोष निकालने लगते हैं।”
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ईवीएम पर अविश्वास है, तो राहुल गांधी को संसद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने के लिए भी विपक्ष को घेरा। योगी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से फर्जी, मृत और अवैध घुसपैठियों के नाम हटाना एक संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों का नाम सूची में रहने से देश के असली नागरिकों, विशेषकर दलितों और वंचितों के अधिकारों पर डाका पड़ता है।