गोरखपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी गोड़धोइया नाला परियोजना
गोरखपुर शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित और अति-महत्वाकांक्षी ‘गोड़धोइया नाला परियोजना’ का पहला चरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से शहर के 17 वार्डों में रहने वाली लाखों की आबादी को जलभराव और गंदगी की पुरानी समस्या से स्थाई निजात मिलने की उम्मीद है। करीब 495.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट को शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ
गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत नगर निगम और संबंधित विभागों ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इसमें नाले को पक्का करना, बेहतर जल निकासी व्यवस्था के लिए सीवर लाइनों का जाल बिछाना और दूषित जल को उपचारित करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण शामिल है। वर्षों से स्थानीय लोग बरसात के मौसम में घरों में पानी घुसने और जलजमाव के कारण होने वाली बीमारियों से परेशान थे। अब पक्के नाले और वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी के प्रबंधन से इन वार्डों की सूरत बदलती हुई दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण, दूसरे चरण की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी 1 नवंबर को इस परियोजना का औपचारिक लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर शहर के विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की जा सकती है। प्रशासन ने पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण की रूपरेखा भी तैयार कर ली है। परियोजना के अगले चरण में 93.72 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी, जिससे शहर के अन्य हिस्सों को भी इस ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
स्थानीय निवासियों को क्या फायदा होगा
इस परियोजना के क्रियान्वयन के बाद स्थानीय निवासियों को जलभराव से होने वाले यातायात अवरोध और स्वच्छता संबंधी चुनौतियों से बड़ी राहत मिलेगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना गोरखपुर के ‘स्मार्ट सिटी’ मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे, जिसे अब सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है। आगामी दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट दिखाई देंगे।