त्योहारी सीजन में मिलावटी पनीर को लेकर खाद्य विभाग सख्त
त्योहारों के नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग में भारी उछाल आया है। इस दौरान मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे आम जनता की सेहत पर बड़ा खतरा मंडराने लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के विभिन्न बाजारों और मिठाई प्रतिष्ठानों पर निगरानी तेज कर दी है।
विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता को लेकर विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि त्योहारों के दौरान बाजार में भारी मांग को पूरा करने के लिए कृत्रिम या घटिया गुणवत्ता वाले पनीर और दूध उत्पादों की आपूर्ति की संभावना बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि रंगीन मिठाइयों और पनीर से बनी सामग्रियों में हानिकारक रसायनों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से घातक हो सकता है।
प्रशासन की अपील और टोल-फ्री हेल्पलाइन
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मिठाई या पनीर खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की संदेहजनक सामग्री दिखने या स्वाद में बदलाव महसूस होने पर तुरंत विभाग को सूचित करें। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक टोल-फ्री नंबर 1800-180-5533 जारी किया है, जहां आम लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
सावधानी ही बचाव का एकमात्र रास्ता
अधिकारियों के अनुसार, मिलावटी खोया, पनीर और रंगीन मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से कम कीमत में बेचे जाने वाले पनीर और चमक वाली मिठाइयों के प्रति ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय बाजारों में छापेमारी की प्रक्रिया को आने वाले दिनों में और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सके।
प्रशासन की यह पहल उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है जो त्योहारी सीजन में अपनी और अपने परिवार की सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं। यदि आप किसी मिठाई की दुकान या डेयरी पर मानकों का पालन न होते हुए देखते हैं, तो विभाग द्वारा जारी नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।