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गोरखपुर नगर निगम की डिजिटल व्यवस्था पर सवाल, ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं

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गोरखपुर में डिजिटल सेवाओं पर उठे सवाल

गोरखपुर नगर निगम द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई डिजिटल पहल के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। नगर निगम ने शहरवासियों की सुविधाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल और टोल फ्री नंबर की व्यवस्था लागू की है, ताकि आम जनता अपनी शिकायतें घर बैठे दर्ज करा सके और उनके निस्तारण की स्थिति की निगरानी कर सके। हालांकि, वर्तमान स्थिति यह है कि शिकायतें दर्ज तो हो रही हैं, लेकिन उनका समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं हो पा रहा है, जिससे आम नागरिकों में मायूसी है।

पोर्टल और टोल फ्री नंबर की जमीनी हकीकत

नगर निगम की इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाना और जनता की परेशानियों को कम करना था। नागरिक इन माध्यमों से स्वच्छता, जलभराव, खराब स्ट्रीट लाइट और सड़क मरम्मत जैसी समस्याओं को दर्ज करवाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन शिकायतों को संबंधित जोन के अधिकारियों को फॉरवर्ड किया जाता है। फिर भी, स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिजिटल प्रणाली में शिकायत दर्ज होने के बाद भी समाधान के लिए उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

समाधान में देरी से बढ़ रही लोगों की परेशानी

पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद संबंधित विभाग द्वारा समय पर कार्रवाई न करना सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है। कई मामलों में शिकायतों को ‘पेंडिंग’ या ‘प्रक्रिया में’ दिखाकर टाल दिया जाता है। इस देरी के कारण स्थानीय वार्डों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना रहता है। गोरखपुर के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि उनकी समस्याओं को पोर्टल पर तो देखा जाता है, लेकिन धरातल पर ठोस काम करने में नगर निगम के कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।

प्रशासन की जिम्मेदारी और भविष्य की उम्मीद

डिजिटल इंडिया के इस दौर में नगर निगम प्रशासन को अपनी कार्यशैली में सुधार करने की आवश्यकता है। नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण न केवल शासन के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाता है, बल्कि शहर के व्यवस्थित विकास में भी सहायक होता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नगर निगम के उच्च अधिकारी इस डिजिटल व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि शहरवासियों को वास्तव में डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल सके।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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