लगातार तीसरी बार प्रदेश में अव्वल रही कुशीनगर पुलिस
जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में कुशीनगर पुलिस ने एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में अपना परचम लहराया है। अगस्त माह की IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) रैंकिंग में कुशीनगर पुलिस को लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिले की इस उपलब्धि की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि जिले के सभी 21 थानों ने IGRS शिकायतों के निस्तारण में शत-प्रतिशत प्रदर्शन दर्ज किया है।
फीडबैक और निस्तारण के आंकड़े
अगस्त माह में शासन द्वारा कुशीनगर पुलिस के 2014 IGRS संदर्भों पर फीडबैक लिया गया था। आंकड़ों के अनुसार, कुल 2014 आवेदकों में से 1903 लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर पूर्ण संतुष्टि जताई है। इस प्रकार संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत 94.49 फीसदी रहा, जो जिले की कार्यप्रणाली पर जनता के भरोसे को दर्शाता है। इसके अलावा, 1957 आवेदकों ने पुष्टि की कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर समस्या सुनी, जो कि 97.17 फीसदी का संतोषजनक आंकड़ा है।
एसपी केशव कुमार की प्रभावी मॉनिटरिंग
कुशीनगर पुलिस की इस सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक (SP) केशव कुमार की सख्त मॉनिटरिंग और कुशल नेतृत्व को मुख्य कारण माना जा रहा है। एसपी कार्यालय और जनपद के सभी थाना प्रभारियों ने शिकायतों को समय-सीमा के भीतर निपटाने को प्राथमिकता दी। अगस्त के दौरान एक भी शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में नहीं आई, जिससे पूरे महीने पेंडेंसी शून्य रही। एसपी ने इस सफलता का श्रेय पुलिसकर्मियों के समर्पण और जनसुनवाई के प्रति उनकी गंभीरता को दिया है।
स्थानीय नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव
शिकायतों के निस्तारण में इस स्तर की पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई से स्थानीय निवासियों के लिए सरकारी तंत्र तक पहुंच आसान हुई है। कुशीनगर के नागरिकों के लिए पुलिस का यह ‘नंबर-1’ प्रदर्शन सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के प्रति शासन के संकल्प को पुष्ट करता है। भविष्य में भी इसी गति को बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी फरियादी अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न हो।