अहिरौली बाजार थाने में नवाचार: छात्रा को मिली कमान
कुशीनगर जिले के अहिरौली बाजार थाने में एक अनूठी और प्रेरक पहल देखने को मिली। प्रकृति इंटरनेशनल स्कूल, चुरामन चक, खोट्ठा की 12वीं कक्षा की छात्रा आंचल पटेल को ‘मिशन शक्ति’ के तहत एक दिन के लिए सांकेतिक थानाध्यक्ष बनाया गया। आंचल, जो श्रीराम पटेल की पुत्री हैं, ने इस अवसर पर न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझा, बल्कि महिला सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भी किया।
प्रशासनिक कार्यों का लिया जायजा
एक दिन की थानाध्यक्ष के रूप में आंचल पटेल ने थाना परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने थाना कार्यालय में स्थित महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क के संचालन की गहन जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने थाने में लंबित अभिलेखों और दैनिक कार्यप्रणाली को भी समझा। अपनी संक्षिप्त कार्यवधि के दौरान, उन्होंने वहां आई महिला फरियादियों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
महिला सुरक्षा और जागरूकता पर जोर
आंचल पटेल ने अपने अनुभव के माध्यम से क्षेत्र में महिला सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए आम जनता को पुलिस की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। आंचल ने मुख्य रूप से इन नंबरों पर जोर दिया:
- 1090: विमेन पावर लाइन
- 112: आपातकालीन सेवा
- 1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
- 1098: चाइल्ड लाइन
- 1930: साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल
उन्होंने उपस्थित नागरिकों को संदेश दिया कि पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही समाज को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
पुलिस प्रशासन का प्रोत्साहन
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में पुलिस प्रशासन के प्रति सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को जागृत करना था। अहिरौली बाजार थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने आंचल को कानून व्यवस्था बनाए रखने के गुर सिखाए और नारी सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में उन्हें पुलिस विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार यादव, मनीष यादव, महिला कांस्टेबल अंकिता, प्रिया पाण्डेय और आसना सहित थाना स्टाफ और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। थानाध्यक्ष ने कहा कि ऐसी पहल से युवा पीढ़ी को प्रशासनिक चुनौतियों को समझने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।