फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का चल रहा था खेल, आरटीओ कार्यालय के पास ही खुली थी ‘जालसाजी की दुकान’!
कुशीनगर। आरटीओ कार्यालय के आसपास सक्रिय जालसाजों ने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का ऐसा खेल चला रखा था, जिसका खुलासा होने पर पुलिस भी हैरान रह गई। आरटीओ कार्यालय के निकट कंप्यूटर सेंटर की आड़ में दो व्यक्ति कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर लोगों को बेच रहे थे। मूल लाइसेंस की तरह दिखने वाले स्मार्ट कार्ड तैयार कर ग्राहकों से मनमानी रकम वसूली जा रही थी। रविन्द्रनगर धूस पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में 3 नवंबर 2026 को थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जमीर अहमद पुत्र बसावन अली निवासी भिसवा सरकारी तथा श्यामजी पुत्र स्व. रामनरेश प्रसाद निवासी बसडीला, थाना रविन्द्रनगर धूस, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया कि आरोपित जमीर अहमद आरटीओ कार्यालय के निकट ‘जमीर कंप्यूटर सेंटर’ नाम से दुकान संचालित करता था। इसी की आड़ में दोनों आरोपित ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें तत्काल हैवी ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती थी। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनका आवश्यक डेटा हासिल किया जाता था और फिर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से कूटरचित लाइसेंस तैयार किए जाते थे।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपितों के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- दो फर्जी एवं कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस
- 10 पीवीसी स्मार्ट कार्ड चिप
- एक कैनन प्रिंटर-स्कैनर
- दो लैपटॉप और दो मोबाइल फोन
- 4,830 रुपये नकद
इस मामले में थाना रविन्द्रनगर धूस में मु0अ0सं0 178/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 339 में मुकदमा दर्ज किया गया है। जमीर अहमद का पहले का भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके विरुद्ध थाना रविन्द्रनगर धूस में पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। पुलिस फिलहाल दोनों आरोपितों से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों की जांच कर रही है।