हाटा तहसील में जनगणना की तैयारियों को अंतिम रूप
कुशीनगर जिले के हाटा तहसील में जनगणना के दूसरे चरण को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी गई है। तहसील सभागार में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में हाटा, सुकरौली और मोतीचक ब्लॉक के लगभग 750 प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को डिजिटल जनगणना की बारीकियां सिखाई गईं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुल 9 बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें फील्ड ट्रेनर्स अजय वर्मा, रिंकू झां, डॉ. अंजू श्रीवास्तव और प्रशांत कुमार गुप्ता ने मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाई।
डिजिटल और स्वगणना पर विशेष जोर
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने इस बार होने वाली डिजिटल जनगणना और स्वगणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में जनगणना की पूरी प्रक्रिया तकनीकी आधारित होगी। प्रगणकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने आवंटित जनगणना ब्लॉक में कम से कम 85 प्रतिशत आबादी की स्वगणना सुनिश्चित करने का प्रयास करें, ताकि वास्तविक गणना का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
जनगणना का विस्तृत कार्यक्रम:
- स्वगणना: 16 नवंबर से 30 नवंबर तक।
- सामान्य एवं संस्थागत परिवार गणना: 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक।
- बेघर परिवारों की गणना: 4 जनवरी की शाम से 5 जनवरी की मध्य रात्रि तक।
- रिवीजन राउंड: 6 जनवरी से 9 जनवरी तक संचालित होगा।
कुल 40 बिंदुओं पर जुटाई जाएगी जानकारी
जनगणना के दौरान प्रगणक प्रत्येक परिवार के सदस्यों से कुल 40 अलग-अलग बिंदुओं पर डेटा एकत्र करेंगे। इसमें नाम, मुखिया से संबंध, लिंग, आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, भाषा, दिव्यांगता, साक्षरता, आर्थिक गतिविधि, जन्म स्थान और निवास स्थान जैसी सामान्य जानकारी के अलावा कोविड टीकाकरण, बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण भी शामिल है।
प्रशासनिक सतर्कता और जनसंपर्क
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों को व्यावहारिक गुर भी सिखाए। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जनगणना के दौरान उत्तरदाताओं के साथ बेहद सरल और सहज व्यवहार रखा जाए ताकि सटीक जानकारी प्राप्त करने में आसानी हो। एसडीएम मयंक त्रिपाठी और तहसीलदार जया सिंह ने पूरे प्रशिक्षण सत्र के दौरान समय-समय पर औचक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंजू विश्वकर्मा, रामरूप प्रसाद, मीरा पांडेय, नम्रता मिश्रा और ज्योति राव सहित बड़ी संख्या में कार्मिकों ने भाग लिया। प्रशासन का मानना है कि इस व्यापक प्रशिक्षण से जिले में जनगणना कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न्यूनतम रहेगी।