घटना का पूरा विवरण
कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात गोवंशीय पशुओं की तस्करी कर रहे दो तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सदरे आलम उर्फ छोटू और अली खान के रूप में हुई है, जो पडरौना कोतवाली क्षेत्र के हरिहर छपरा गांव के निवासी हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल आरोपी सदरे आलम को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि अली खान को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन में चलाए गए इस ऑपरेशन में स्वाट टीम, पडरौना कोतवाली और रामकोला थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। सूचना मिली थी कि एक बोलेरो वाहन रगड़गंज बैरियर तोड़कर भाग रहा है। धर्मसमदा मंदिर के पास जब पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया, तो तस्करों ने पुलिस पर निशाना साधकर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सदरे आलम को पैर में गोली मारकर काबू कर लिया। पुलिस ने मौके से बोलेरो वाहन, एक बछड़ा, .315 बोर का तमंचा, कारतूस और 1,856 रुपये नकद बरामद किए हैं।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास और कानूनी स्थिति
जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी सदरे आलम पर चोरी, गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे कुशीनगर और गोरखपुर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए बोलेरो वाहन की सीटें हटाकर उसमें पशुओं को लादते थे ताकि वह आम सवारी गाड़ी लगे। रामकोला थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/8, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस टीम की उपलब्धि
इस कार्रवाई में पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी, स्वाट टीम प्रभारी दीपक सिंह, रामकोला थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गोतस्करी के खिलाफ जिले में आगे भी अभियान इसी तरह जारी रहेगा।