आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
महराजगंज जिले में शुक्रवार को आंगनबाड़ी सहायिका संगठन की कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मुखर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के अधिकारियों को सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान में मिल रही प्रोत्साहन राशि (पीएलआई) को नियमित मानदेय में परिवर्तित किया जाए।
प्रोत्साहन राशि को मानदेय में बदलने की प्रमुख मांग
संगठन की जिला अध्यक्ष कुसुम कांती त्रिपाठी के नेतृत्व में एकत्रित हुई कार्यकर्ताओं का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, टीकाकरण, गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य प्रबंधन के साथ-साथ पूर्व प्राथमिक शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभा रही हैं। ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख है कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जब शासनादेश जारी हुआ तो कार्यकर्ताओं में भारी निराशा देखी गई।
महंगाई के दौर में कम मानदेय से जीवन यापन कठिन
कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया है कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में केवल 1500 रुपये की मानदेय बढ़ोतरी से परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। संगठन ने मांग की है कि कार्य प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि (पीएलआई) के तौर पर मिलने वाले 4000 रुपये को उनके नियमित मानदेय में जोड़ा जाए। उनका कहना है कि केवल दर्जा देने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होगा, बल्कि उन्हें उचित पारिश्रमिक की आवश्यकता है।
प्रदर्शन में शामिल रहीं प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर आंगनबाड़ी सहायिका संगठन की अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहीं। इनमें मुख्य रूप से रमाकांती, उमाकांती, सीमा, मीना, आशा, कुसुम और खजांती सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वर्तमान में प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर इसे शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपना रुख सरकार के अगले फैसले की ओर रखा है।