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महराजगंज: छठ घाट सुंदरीकरण में धांधली का आरोप, डीएम से जांच की मांग

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छठ घाट सुंदरीकरण में बरती गई अनियमितता

महराजगंज जिले के पनियरा विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा हंसखोरी महुअवा में चल रहे छठ घाट और पोखरे के सुंदरीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी के आरोपों के बाद ग्रामीणों और जनहित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन को सौंपे गए एक औपचारिक ज्ञापन के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

जनहित पार्टी के जिला महामंत्री धर्मराज चौरसिया के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत सरोवर’ योजना के तहत विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का सही उपयोग नहीं किया गया है। चौरसिया ने दावा किया कि कागजों पर काम पूरा दिखा दिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर छठ घाट और पोखरे के सुंदरीकरण के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित विभागीय अधिकारियों के देखरेख में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की भौतिक जांच की जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

क्या है मामला और स्थानीय स्थिति

आरोप है कि स्वीकृत बजट के सापेक्ष मौके पर निर्माण कार्य अत्यंत निम्न स्तर का है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। छठ पूजा का पर्व नजदीक होने के कारण श्रद्धालुओं की आस्था का विषय होने से स्थानीय निवासियों ने भी इस मामले में प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की अपील की है। 23 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए इस ज्ञापन के साथ जनहित पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सोनू शर्मा, आकाश, राधेश्याम, श्याम सुंदर, बेचन वर्मा, दीनानाथ यादव, गणेश चौधरी और श्रीकांत वर्मा शामिल थे।

अगली कार्रवाई पर टिकी नजर

वर्तमान में जिला प्रशासन ने इस मामले में ज्ञापन प्राप्त कर जांच के संकेत दिए हैं, लेकिन आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि पर्व से पहले घाट की स्थिति को दुरुस्त किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन द्वारा इस मामले में गठित की जाने वाली जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही अनियमितता की सच्चाई सामने आएगी।

(संवाददाता)

संवाददाता के संपादक

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