दशहरा के बाद पर्यटन गतिविधियों में तेजी
नेपाल के हिमालयी जिले मुस्तांग में विजयादशमी के त्योहार के बाद पर्यटन कारोबार ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ी है। बीते दो दिनों में कुल 7,846 पर्यटकों ने मुस्तांग का रुख किया है, जिससे स्थानीय कारोबारियों में उत्साह का माहौल है। पिछले कुछ समय से प्राकृतिक आपदाओं के कारण बाधित रहे पर्यटन को अब एक नई उम्मीद मिली है।
प्रशासनिक आंकड़े और पर्यटकों की संख्या
जिला पुलिस कार्यालय मुस्तांग के सूचना अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक ईश्वर महत के अनुसार, दशहरे के टीका के बाद बृहस्पतिवार को 3,033 और शुक्रवार को 4,813 पर्यटक मुस्तांग पहुंचे। इससे पहले घटस्थापना से विजयादशमी तक की 10 दिनों की अवधि में कुल 5,663 पर्यटक यहां आए थे, जिनमें 4,409 भारतीय और विदेशी सैलानी शामिल थे।
हालिया चुनौतियों से उबरता कारोबार
बीते महीनों में बाढ़, भूस्खलन और नदी के कटाव के कारण बेनी-जोमसोम सड़क मार्ग बुरी तरह बाधित हो गया था। असोज (सितंबर-अक्टूबर) माह में हुई भारी बारिश और भोटेकोशी में बाढ़ ने पर्यटन गतिविधियों को धीमा कर दिया था। हालांकि, अब सड़क संपर्क और स्थिति सामान्य होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही में काफी सुधार देखा जा रहा है। चालू वर्ष के साउन, भदौ और असोज माह में क्रमशः 30,534, 20,268 और 18,601 पर्यटकों ने मुस्तांग का भ्रमण किया था।
भारतीय सैलानियों पर टिकी उम्मीदें
मुस्तांग के प्रमुख आकर्षणों में मुक्तिनाथ मंदिर, लोमान्थांग दरबार, कोरला नाका, झोंग गुफा और ढुम्बा ताल शामिल हैं। स्थानीय होटल और रेस्तरां संचालक अब आने वाले दीपावली और छठ पर्व के दौरान भारतीय सैलानियों की भारी आवक की उम्मीद कर रहे हैं। महाराजगंज और सोनौली सीमा से सटे क्षेत्रों के माध्यम से नेपाल जाने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। प्रशासन और पर्यटन विभाग आवाजाही को और सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।