मिशन शक्ति: महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर जोर
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में ‘मिशन शक्ति’ अभियान के अंतर्गत रविवार, 26 अक्टूबर 2026 को विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिले के कोतवाली और कोठीभार थाना क्षेत्रों के दो अलग-अलग गांवों में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित कर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
कोतवाली क्षेत्र के सिसवा अमहवा में जागरूकता अभियान
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सिसवा अमहवा में आयोजित सम्मेलन में पुलिस टीम ने प्रमुख रूप से महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम पर चर्चा की। इस दौरान उपनिरीक्षक ज्योति राय ने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को साइबर ठगी से बचने के तरीके समझाए। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे अनजान कॉल या संदिग्ध लिंक के माध्यम से ठग सक्रिय होते हैं और उनसे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किशोरियों के घर से बिना सूचना दिए जाने से सुरक्षा संबंधी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। पुलिस की ओर से उपस्थित महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे 112, महिला हेल्पलाइन 181 और 1090 के उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए ताकि जरूरत पड़ने पर वे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।
कोठीभार में महिलाओं को स्वावलंबन का संदेश
इसी क्रम में, कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम गौरा दूबे में भी एक सम्मेलन का आयोजन हुआ। यहाँ पुलिस टीम ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्राथमिकता दी। अधिकारियों ने महिलाओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या समस्या के खिलाफ आवाज उठाएं और स्थानीय पुलिस के साथ निरंतर संपर्क में रहें।
पुलिस टीम ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए डिजिटल साक्षरता पर भी बल दिया। इस दौरान उपनिरीक्षक लकी पटेल, आरक्षी दीक्षा सिंह, पूजा मिश्रा, निशा कुमारी, आशा मीरा, मानसी वर्मा और विकास कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।
नागरिकों के लिए सुझाव
पुलिस प्रशासन द्वारा महिलाओं को सलाह दी गई है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। जागरूक रहकर ही साइबर और अन्य अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।