नेपाल में बाढ़-भूस्खलन का असर, पर्यटन मार्गों पर यातायात प्रभावित
पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और उसके कारण हुए भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर सड़क और पुल के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। नौ से 11 अक्टूबर के बीच हुई लगातार वर्षा के कारण नेपाल के तनहुं जिले में कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। इस स्थिति का सीधा असर महाराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों और यात्रियों पर पड़ सकता है।
क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का विवरण
नेपाल की आपदा प्रबंधन समिति द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, कई महत्वपूर्ण सड़कों और सुरक्षा संरचनाओं को गंभीर क्षति पहुंची है। प्रभावित क्षेत्रों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- घिरिंग गांवपालिका-1: द्रोपती खोला पुल के दोनों ओर सड़क का संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।
- घिरिंग-3: भैरव मोटरमार्ग का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से धंस गया है, जबकि गाबुडांडा-नयांटार सड़क पर गहरी दरारें देखी गई हैं।
- अन्य स्थान: घिरिंग-4 के शालिग्राम कॉरिडोर स्थित तिरंदी खोला पुल और तिंदीखोला कल्वर्ट की सुरक्षा संरचनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
अधिकारियों का मानना है कि इन मार्गों की मरम्मत के साथ-साथ तकनीकी जांच अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
प्रशासनिक कार्रवाई और पर्यटकों के लिए सलाह
तनहुं जिले के प्रमुख जिला अधिकारी और आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवलाल तिवारी ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुलों और सड़कों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों और मंत्रालयों को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। बड़ेफेदी खोला में कटाव को रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल (दीवार) बनाने का सुझाव भी दिया गया है।
सोनौली बॉर्डर के माध्यम से पोखरा और नेपाल के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा करने की योजना बना रहे पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे प्रस्थान से पूर्व नेपाल के इन रास्तों की मौजूदा स्थिति की जानकारी स्थानीय प्रशासन या टूर ऑपरेटरों से जरूर ले लें। सड़कों पर दरारों और मिट्टी के कटाव के कारण पहाड़ी रास्तों पर सफर करना फिलहाल असुरक्षित हो सकता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा पुनर्निर्माण कार्य के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन सामान्य यातायात बहाल होने में समय लग सकता है।