जनकल्याणकारी योजनाओं को हर गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य
महराजगंज जिले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र बारी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि हर नागरिक को एक परिवार के सदस्य के रूप में देखा जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार जनता की समस्याओं को अपनी पीड़ा के समान मानती है और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
सत्येंद्र बारी ने जानकारी दी कि सरकार के विभिन्न प्रतिनिधि जिले के सुदूर गांवों तक जाकर ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की सीधी जानकारी प्रदान कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
आयोग के सदस्य ने युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए जारी प्रयासों का भी विवरण दिया। उन्होंने बताया कि ‘अभ्युदय कोचिंग’ के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए जिले के 30 अलग-अलग संस्थानों में नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
क्षेत्र में सक्रियता और निरंतर निगरानी
सत्येंद्र बारी ने कहा कि पिछले दो वर्षों से वे स्वयं क्षेत्र में सक्रिय रहकर शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने लखनऊ से लेकर गांवों तक आयोग की पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी शिकायतें प्राथमिकता के आधार पर हल हों।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास की मुख्यधारा में समाज के हर वर्ग को शामिल करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे जनहित में तत्परता से कार्य करें ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।