महराजगंज नगर सहकारी बैंक में आयकर विभाग का सर्वे
महराजगंज स्थित नगर सहकारी बैंक में बृहस्पतिवार को आयकर विभाग की टीम ने पहुंचकर गहन जांच और सर्वे की कार्रवाई की। आयकर विभाग की यह विशेष टीम सुबह करीब 11:30 बजे बैंक परिसर पहुंची, जिससे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पिछले चार वर्षों से लंबित ‘स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन’ (SFT) से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन करना था।
जांच का मुख्य उद्देश्य और एसएफटी का महत्व
आयकर विभाग के अधिकारियों ने बैंक के अभिलेखों और वित्तीय लेन-देन के डेटा का बारीकी से परीक्षण किया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, नगर सहकारी बैंक द्वारा पिछले चार वर्षों से एसएफटी दाखिल नहीं किया गया था, जिसे लेकर विभाग ने यह जांच शुरू की है। आयकर विभाग के उप निदेशक संदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने बैंक के सभी प्रासंगिक दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी समीक्षा की।
एसएफटी दाखिल करना किसी भी वित्तीय संस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसके माध्यम से बैंक और अन्य संस्थाएं आयकर विभाग को निर्धारित बड़े लेन-देन की जानकारी साझा करती हैं, जिससे कर चोरी की निगरानी में मदद मिलती है। इस डेटा से विभाग को करदाताओं की घोषित आय और बैंक में हुए वास्तविक लेन-देन के मिलान में आसानी होती है।
जांच टीम और वर्तमान स्थिति
इस सर्वे अभियान में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बड़ी टीम शामिल थी। टीम में उप निदेशक संदीप सिंह के अलावा आयकर अधिकारी विनीत कुमार श्रीवास्तव, तथा आयकर निरीक्षक कमलावती यादव, कुलेश कुमार, वशिष्ठ गिरी, अवनीश कुमार सिंह और शशि रंजन कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने बैंक से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और आवश्यक जानकारियां जुटाईं।
फिलहाल, आयकर विभाग ने इस जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या घोटाले की पुष्टि नहीं की है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह एक प्रक्रियात्मक सर्वे है। अब तक की जांच में एसएफटी दाखिल न करने के अलावा किसी बड़ी विसंगति का पता नहीं चला है। आयकर विभाग द्वारा अभी तक कोई भी आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है, और बैंक प्रबंधन से भी इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगे गए हैं। स्थानीय स्तर पर इस सर्वे को लेकर दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा, जबकि बैंक का कामकाज सामान्य रूप से जारी रखने का प्रयास किया गया।