घटना का विवरण
महराजगंज जिले के सिंदुरिया थाना क्षेत्र के पतरेंगवा गांव से बीते डेढ़ महीने से लापता एक 17 वर्षीय किशोरी का शव बिहार के छपरा जिले में बरामद हुआ है। किशोरी के परिजनों ने मंगलवार को छपरा पहुंचकर कपड़ों, सैंडल और आईडी कार्ड के आधार पर शव की शिनाख्त की है। हालांकि, बिहार पुलिस ने शिनाख्त होने से पहले ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया था।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
परिजनों के अनुसार, किशोरी बीते 5 अगस्त 2026 को घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने सिंदुरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मंगलवार को मामले की जानकारी मिलने पर परिजन बिहार के छपरा पहुंचे। सूत्रों और रेल पुलिस के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, किशोरी की मौत एक ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी, जब वह रेलवे ट्रैक पार कर रही थी।
सिंदुरिया के थानाध्यक्ष अनूप तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम को परिजनों के साथ छपरा भेजा गया है। उन्होंने कहा कि टीम के वापस लौटने के बाद ही घटना से संबंधित सभी पहलुओं और आधिकारिक रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। वर्तमान में, पुलिस मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।
स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश
इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, मृतका के परिजनों ने सिंदुरिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते मामले की सक्रियता से जांच की होती और किशोरी की खोजबीन की होती, तो शायद उसे जिंदा बचाया जा सकता था। फिलहाल, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और वे अपनी बेटी के अंतिम संस्कार के लिए कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में लगे हुए हैं।