अधिशासी अभियंता के खिलाफ इंजीनियरों का विरोध
महाराजगंज में सिंचाई विभाग के डिप्लोमा इंजीनियरों ने विभागीय मनमानी और उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिंचाई निर्माण खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता सतीश कुमार के विरोध में डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने छह दिवसीय संघर्ष कार्यक्रम का शंखनाद कर दिया है। मंगलवार को सिंचाई विभाग खंड प्रथम के कार्यालय के सामने संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम अग्रहरी के नेतृत्व में इंजीनियरों ने जमकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई।
प्रशासनिक मनमानी और भेदभाव का आरोप
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष विक्रम अग्रहरी ने आरोप लगाया कि विभाग में प्रशासनिक मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि विभागीय आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही है और कार्य आवंटन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इसके अलावा, कर्मचारियों के उत्पीड़न की घटनाओं ने इंजीनियरों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है। संगठन ने इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या हैं डिप्लोमा इंजीनियर संघ की मुख्य मांगें?
इंजीनियरों ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- बैठक की कार्यवृत्ति और लंबित बिंदुओं की अनुपालन आख्या को सार्वजनिक करना।
- कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना।
- पिछले एक साल से बंद पड़े जेई कक्ष के मामले की जांच करना।
- स्थानांतरण के उपरांत कार्यमुक्ति और चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया में समानता और नियमों का पालन करना।
आंदोलन का आगामी कार्यक्रम
संघर्ष कार्यक्रम के तहत इंजीनियरों ने अपनी मांगों के पूरा होने तक चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया है। मंगलवार को जिला और मंडल स्तर पर आयोजित विरोध सभा के बाद, बुधवार को ‘सामूहिक ज्ञापन दिवस’ मनाया जाएगा। वहीं, 10 सितंबर को ‘जनजागरण दिवस’ और 11 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर ‘सांकेतिक धरना’ दिया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते मांगों पर संज्ञान नहीं लिया, तो 12 सितंबर को ‘चेतावनी दिवस’ आयोजित कर आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मंडल उपाध्यक्ष झिनक प्रसाद, रंजीत कुमार, मनीष कुमार गुप्ता, आबिद, कन्हैया लाल और अरुण कुमार सहित संघ के अन्य पदाधिकारी और सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। स्थानीय स्तर पर इंजीनियरों के इस बड़े विरोध ने विभागीय कामकाज पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।