Saturday, 19 September 2026 | पूर्वांचल संस्करण • कुशीनगर केंद्रबिंदु
🔴 24x7 लाइव न्यूज़ डेस्क
• कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज, गोपालगंज
हाइपरलोकल न्यूज़ प्लेटफॉर्म निष्पक्ष • प्रामाणिक • सबसे पहले

Maharajganj News: अनियमितता पर सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निलंबित, कोटेदार के खिलाफ प्राथमिकी

🎙️ खबर सुनें (AI वॉइस रीडर)

घटना का पूरा विवरण

महराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र स्थित अलहदिया महदेवा गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षक ईशान प्रताप सिंह ने गांव में स्थित सस्ते गल्ले की दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

जांच में पाई गई खामियां

पूर्ति निरीक्षक ईशान प्रताप सिंह के अनुसार, निरीक्षण के दौरान उचित दर विक्रेता प्रहलाद की दुकान पर कई नियम विरुद्ध कार्य संचालित होते पाए गए। जांच में पाया गया कि विक्रेता द्वारा खाद्यान्न की ऑनलाइन रिसीविंग ई-पॉस मशीन के माध्यम से नहीं की जा रही थी। इसके अलावा, लाभार्थियों का अंगूठा लगवाने के दो से तीन दिन बाद खाद्यान्न वितरण करने की गंभीर लापरवाही भी सामने आई है। इतना ही नहीं, मौके पर की गई जांच में राशन वितरण में घटतौली करने की पुष्टि हुई है, जो सीधे तौर पर गरीब कार्डधारकों के अधिकारों का हनन है।

गोदाम में मिला स्टॉक का अंतर

दुकान के गोदाम के भौतिक सत्यापन के दौरान भारी मात्रा में खाद्यान्न का स्टॉक कम पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, गोदाम से 20.18 क्विंटल गेहूं, 74.10 क्विंटल चावल और 0.11 क्विंटल चीनी का स्टॉक कम मिला है। सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में इस बड़े अंतर ने विक्रेता की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्ति विभाग के मानकों के अनुसार, यह सरकारी राशन की कालाबाजारी की श्रेणी में आता है।

पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई

प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित दर विक्रेता प्रहलाद के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) 1955 की धारा 3/7 के तहत स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके अतिरिक्त, विभाग की ओर से विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान में दुकान का लाइसेंस निलंबित है और कार्डधारकों को राशन सुचारू रूप से मिले, इसके लिए विभाग वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही या घटतौली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

(संवाददाता)

पूर्वांचल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क रिपोर्टर।

संबंधित और अन्य महत्वपूर्ण खबरें

✍️ अपनी राय दें (Leave a Comment)

आपका ईमेल पता सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।