18वें दिन भी जारी रहा लेखपालों का आंदोलन
महाराजगंज जिले के नौतनवा तहसील में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन शुक्रवार को 18वें दिन भी जारी रहा। लेखपाल संघ के सदस्य अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर लगातार सरकार के प्रति अपना विरोध जता रहे हैं। इस आंदोलन के चलते तहसील के प्रशासनिक कार्यों पर व्यापक असर पड़ रहा है, जिससे आम जनमानस को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
थाना दिवस पर अनोखा विरोध प्रदर्शन
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने बताया कि आंदोलन की अगली रणनीति के तहत शनिवार को आयोजित होने वाले ‘थाना दिवस’ में सभी लेखपाल काली पट्टी बांधकर अपनी ड्यूटी करेंगे। इसके माध्यम से वे शासन और प्रशासन के प्रति अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे। रमेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि लगातार 18 दिनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद शासन स्तर से उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जो बेहद निराशाजनक है।
प्रशासनिक कार्यों का बहिष्कार जारी
नौतनवा तहसील के लेखपालों ने अपने विरोध को और तेज करते हुए सख्त रुख अपना लिया है। जानकारी के अनुसार, तहसील के समस्त लेखपाल अपने 21 हल्कों का संपूर्ण कार्य देख रहे हैं, लेकिन 60 अन्य हल्कों में उन्होंने सभी प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुपों से खुद को हटा लिया है और ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर रखा है। इससे राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रमुख मांगें और भविष्य की चेतावनी
लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा है कि उनकी मुख्य मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
- लंबित डीपीसी (DPC) को तत्काल जारी करना।
- वाहन भत्ता में वृद्धि और ग्रेड पे में बदलाव।
लेखपाल संघ के सदस्यों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो 17 अक्टूबर से वे संपूर्ण शासकीय कर्तव्यों और दायित्वों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करेंगे। इस विरोध में रमेश गुप्ता, राहुल शर्मा, दीपेंद्र धवल, जहीरूद्दीन खान, मंजूर अली, कृष्णगोपाल, राघवेंद्र विश्वकर्मा, रत्नेश गुप्ता, सुनील वर्मा और विनोद पटेल समेत अन्य लेखपाल शामिल रहे।