न्यायालय परिसर का लिया जायजा
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी ने शनिवार को महाराजगंज जिले के फरेंदा स्थित सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण किया। न्यायमूर्ति के न्यायालय परिसर में आगमन पर पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया, जिसके बाद स्थानीय अधिवक्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी ने अदालत की पत्रावलियों के रखरखाव, न्यायालय की कार्यप्रणाली और परिसर में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की गहन जांच की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय के कर्मचारियों और अधिवक्ताओं से न्यायालय की दैनिक कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अधिवक्ताओं ने रखी अपनी मांगें
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन फरेंदा के बैनर तले अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने न्यायमूर्ति को एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि फरेंदा में दीवानी न्यायालय के लिए पूर्व में चिह्नित 10 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और क्रय की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में अपीलीय न्यायालय और वरिष्ठ सिविल जज न्यायालय की स्थापना के लिए भी उचित आदेश पारित करने का अनुरोध किया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन मांगों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर वादियों को त्वरित न्याय मिलने में और अधिक सुगमता होगी।
प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
इस आधिकारिक निरीक्षण के अवसर पर जिला जज अरविंद मलिक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मुकेश यादव, सिविल जज जूनियर डिवीजन विश्वनाथ प्रताप सिंह और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित सिंह उपस्थित रहे। बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष प्रेम सिंह, मंत्री अजीत मणि त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय अधिवक्ता मौजूद रहे।
भविष्य की कार्ययोजना
न्यायमूर्ति के दौरे के बाद स्थानीय अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई है कि फरेंदा में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस दौरे के बाद प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो भविष्य में न्यायालय के विस्तार और विकास कार्यों के लिए आधार बनेगी।