महराजगंज में कांग्रेस का प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल
महराजगंज के चौपरिया स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संवैधानिक पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट और वरिष्ठ नेता शरदेंदु पांडेय ने संयुक्त रूप से कहा कि एसआईआर (SIR) की आड़ लेकर भारतीय जनता पार्टी को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है और विधिक नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया गया है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के भीतर दो अन्य चुनाव आयुक्तों के पत्राचार से फैसलों में एकतरफापन स्पष्ट रूप से झलकता है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को ‘वोट चोरी’ का मामला करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। नेताओं ने सवाल किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी का पक्ष साफ-सुथरा है, तो फिर चुनाव आयोग के बचाव में भाजपा को स्वयं आगे आने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन गंभीर आरोपों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण और जवाब देने की मांग की है।
स्थानीय विकास और भाजपा पर तीखा हमला
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए उन्हें राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा शासनकाल में महराजगंज जिले में विकास की रफ्तार सुस्त है और एक भी नया उद्योग स्थापित नहीं हो सका है। कांग्रेस नेताओं ने अपनी पूर्ववर्ती सरकारों की उपलब्धियों को याद दिलाते हुए कहा, ‘कांग्रेस शासनकाल में जिले को गड़ौरा, सिसवा, घुघली और फरेंदा जैसी चीनी मिलें मिली थीं, जबकि वर्तमान स्थिति यह है कि आज भी जिला विश्वविद्यालय और सरकारी मेडिकल कॉलेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।’
आगे की रणनीति और उपस्थित पदाधिकारी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वे विपक्ष की अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे और जनता के हितों के लिए मुखर बने रहेंगे। इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें कपिल देव शुक्ला, विनोद सिंह, राजन शुक्ला, अफजल अब्बासी, चंदन तिवारी, उदय प्रताप सिंह, देवेंद्र उपाध्याय और जितेंद्र यादव आदि शामिल थे। नेताओं ने दोहराया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की संवैधानिक धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।