सड़क की बदहाली से 20 हजार की आबादी प्रभावित
महराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र में स्थित ‘लेजार महदेवा-भैया फरेंदा’ मार्ग अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। यह मुख्य सड़क वर्तमान में गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के कारण इन गड्ढों में जलभराव हो गया है, जो दुर्घटनाओं को सीधा न्योता दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर बनी नालियों के काम न करने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे सड़क का स्थायित्व पूरी तरह समाप्त हो गया है।
मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद फिर टूटी सड़क
स्थानीय निवासियों और राहगीरों के अनुसार, इस मार्ग की मरम्मत लगभग एक वर्ष पूर्व की गई थी, लेकिन घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण सड़क की गिट्टियां कुछ ही दिनों में उखड़ गईं। वर्तमान स्थिति यह है कि मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें पानी जमा होने से आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। विशेष रूप से स्कूली बच्चों के लिए यहां से निकलना एक बड़ी चुनौती बन गया है। विनोद चौधरी और विनोद मद्धेशिया जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण कई लोग रास्ता बदलकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
प्रशासन का क्या है कहना?
इस मार्ग के माध्यम से लेजार महदेवा, महुअवां, हरदत्तपुर, परासखाड़, परसिया, चौतरवां, लीलाछापर और परसाबेनी सहित दर्जनों गांवों के करीब 20 हजार लोग आवागमन करते हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस मामले पर आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग), महराजगंज के अधिशासी अभियंता, प्रवीन कुमार भारती ने बताया, ‘प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की जर्जर हालत की जानकारी मिली है। शीघ्र ही विभागीय अधिकारियों को भेजकर मौका मुआयना कराया जाएगा और समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।’
स्थानीय लोगों पर असर और सावधानी
सड़क के जर्जर होने से यातायात की रफ्तार थम गई है और आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक ट्रैफिक डायवर्जन या चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन स्थानीय लोगों ने सड़क की स्थिति सुधरने तक उस मार्ग से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।