समस्या से त्रस्त ग्रामीणों का बड़ा कदम
महराजगंज जिले के पनियर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर वैदा गांव में लंबे समय से जारी जलभराव की समस्या ने एक नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान न मिलने के कारण आक्रोशित ग्रामीणों ने स्वयं ही फावड़े और कुदाल संभाल लिए और सड़क किनारे पानी निकासी के लिए नाली खोदना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या से काफी समय से जूझ रहे थे, जिससे उनका सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जलभराव की समस्या के बारे में उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार शिकायतें कीं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। बरसात के बाद खेतों और मुख्य रास्ते पर पानी जमा होने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र नाथ ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गांव के पास बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी वजह से पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया और जलभराव की स्थिति विकराल हो गई।
पुलिस का हस्तक्षेप और स्थिति
नाली खुदाई के दौरान गांव के ही दो पक्षों के बीच जल निकासी के स्थान को लेकर कहासुनी और विवाद उत्पन्न हो गया। तनाव की सूचना मिलते ही पनियर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की देखरेख में ही नाली को साफ करने और पानी निकालने का काम सुचारू रूप से चल रहा है। ग्रामीण बनवारी ने बताया कि यदि समय रहते नाली नहीं खोली जाती, तो खेतों में जमा पानी से उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जातीं।
वर्तमान स्थिति और स्थानीय प्रभाव
पुलिस की मौजूदगी में पानी निकासी का कार्य निरंतर जारी है। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद अब जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिया की मरम्मत और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई, तो भविष्य में समस्या पुनः उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय लोगों के लिए अभी मुख्य प्राथमिकता जमा पानी को निकाल कर आवागमन सुगम बनाना है।