टैक्स चोरी पर परिवहन विभाग सख्त
महराजगंज जनपद में कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स जमा न करने को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। जिले के 369 ऐसे वाहन स्वामी हैं, जिन्होंने बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद 3.16 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स जमा नहीं किया है। इन बकाएदारों के खिलाफ अब एआरटीओ (ARTO) कार्यालय रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
जुलाई में जारी हुई थी नोटिस
विभागीय जानकारी के अनुसार, इन 369 बकाएदारों को जुलाई 2026 में ही रजिस्टर्ड नोटिस भेजकर 30 दिनों के भीतर टैक्स भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि समय सीमा के भीतर धनराशि जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा और वाहन भी जब्त किए जा सकते हैं। 12 सितंबर 2026 तक की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी, एक भी वाहन स्वामी ने टैक्स का भुगतान नहीं किया है।
प्रशासन की अगली रणनीति
एआरटीओ महराजगंज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि विभाग अब बकाएदारों की सूची को अंतिम रूप दे रहा है। प्रथम चरण में उन 50 बड़े बकाएदारों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी, जिन पर सबसे अधिक टैक्स लंबित है। इन वाहनों पर प्रति वाहन 20 हजार रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक का बकाया है। विभाग का कहना है कि अधिकांश बकाएदारों में पिकअप और डीसीएम वाहन शामिल हैं, जो पिछले तीन से चार वर्षों से कर अदायगी में कोताही बरत रहे हैं।
सड़क पर होगी वाहन जब्ती
त्योहारी सीजन के मद्देनजर परिवहन विभाग ने राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है। आरसी जारी करने के साथ ही विभाग सड़क पर सघन चेकिंग अभियान चलाने की तैयारी में है। चेकिंग के दौरान इन चिन्हित बकाएदार वाहनों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया जाएगा। एआरटीओ ने वाहन स्वामियों को सलाह दी है कि जब्ती की कार्रवाई और अतिरिक्त जुर्माने से बचने के लिए वे इस महीने के भीतर अपना बकाया टैक्स अनिवार्य रूप से जमा कर दें।
परिवहन विभाग के निर्देशानुसार, अक्टूबर महीने से व्यापक स्तर पर जांच और वाहन जब्ती की विशेष मुहिम चलाई जाएगी। प्रशासन का जोर शत-प्रतिशत टैक्स वसूली पर है ताकि राजस्व के लक्ष्यों को समय से पूरा किया जा सके।