महराजगंज में डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी
महराजगंज में डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ का चरणबद्ध आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। सिंचाई निर्माण खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता के खिलाफ लामबंद हुए संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर विभागीय आदेशों की अनदेखी और मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विरोध प्रदर्शन पिछले तीन दिनों से जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं।
सीएम और सिंचाई मंत्री को भेजा गया ज्ञापन
आंदोलन के तीसरे दिन, जिसे संघ ने ‘सामूहिक ज्ञापन दिवस’ के रूप में मनाया, पदाधिकारियों ने अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन तैयार किया। इस ज्ञापन को डाक के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री, मंडलायुक्त और अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। संघ का कहना है कि वे अपनी मांगों के समाधान के लिए किसी भी स्तर तक जाने के लिए तैयार हैं और जब तक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
क्या हैं प्रमुख आरोप और मांगें?
इस आंदोलन के पीछे की मुख्य वजहों पर बात करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष विक्रम अग्रहरी ने बताया कि विभाग में कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उनकी प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं:
- सिंचाई निर्माण खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता पर प्रशासनिक मनमानी और पक्षपात का आरोप है।
- राजकीय भवन स्थित जेई (Junior Engineer) कक्ष को बिना उचित कारण के लंबे समय तक बंद रखने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
- स्थानांतरण के उपरांत कार्यमुक्ति और चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया में समानता और स्पष्टता लाने पर जोर दिया गया है।
- विभाग में जूनियर इंजीनियरों से जुड़े अन्य विभागीय मामलों की समयबद्ध और पारदर्शी जांच की मांग की गई है।
आंदोलन की आगे की रूपरेखा
बता दें कि इस सात दिवसीय आंदोलन की शुरुआत 7 सितंबर को कर्मचारियों द्वारा काला फीता बांधकर विरोध जताने के साथ हुई थी। इसके बाद 8 सितंबर को एक विरोध सभा का आयोजन किया गया और बुधवार को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे आगामी दिनों में अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने की रणनीति तैयार करेंगे। फिलहाल स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।