गणेश चतुर्थी: भक्ति और आस्था का संगम
महराजगंज जिले में गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार रात भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। जिले के विभिन्न पंडालों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं के नेत्र पट रात 8:30 बजे मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच खोले गए। नेत्र खुलते ही पंडाल ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठे। मुख्य रूप से जिला मुख्यालय के अशोकनगर, मऊ पाकड़ और जयप्रकाश नगर में विधि-विधान के साथ गणेश जी का आह्वान किया गया।
धार्मिक अनुष्ठान और परंपरा
दुर्गा मंदिर के पुजारी पं. अवधेश पांडेय ने जानकारी दी कि गणेश जी के नेत्र खोलने के लिए चतुर्थी का चंद्रमा अस्त होने का समय निर्धारित किया गया था। वैदिक आह्वान मंत्रों के साथ पुरोहितों ने गणेश जी की आराधना संपन्न कराई। नेत्र पट खुलने के उपरांत भगवान को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए गए और भव्य आरती की गई। इस पावन अवसर के साथ ही पांच दिवसीय गणपति उत्सव की शुरुआत हो गई है, जिसमें श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
जिले के 110 स्थानों पर स्थापना
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, महराजगंज जनपद के कुल 110 स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। मुख्यालय के अलावा निचलौल, फरेंदा, नौतनवां और सिसवा क्षेत्र में भी बड़े उत्साह के साथ उत्सव मनाया जा रहा है। सिसवा की संस्कृत पाठशाला, फलमंडी, पोखरा टोला, सब्जी मंडी, नौका टोला, गोपाल नगर, कमानी धर्मशाला रोड, अमर पुरवा, हनुमान मंदिर, बऊरहवा बाबा शिव मंदिर और दक्षिण टोला सहित दर्जनों स्थानों पर देर रात तक पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महराजगंज के एएसपी सिद्धार्थ ने बताया कि जिले भर में 110 स्थानों पर प्रतिमा स्थापना की सूचना मिली है। त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन की नजर संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले पंडालों पर है ताकि पांच दिनों तक चलने वाला यह गणेश उत्सव निर्बाध और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। स्थानीय निवासियों से भी प्रशासन ने सहयोग की अपील की है।