नेपाल सीमा पर भारतीय वाहनों के लिए सख्त नियम
भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित सोनौली बार्डर से गुजरने वाले भारतीय पर्यटक वाहनों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। नेपाल प्रशासन द्वारा भारतीय पर्यटक वाहनों की नेपाल में मौजूदगी के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय सीमा तय कर दी गई है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद नेपाल सीमा शुल्क कार्यालय ने इस नियम को कड़ाई से लागू करना शुरू कर दिया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन और यात्रा से जुड़े कारोबारियों में भारी चिंता व्याप्त है।
कारोबारियों और यात्रा कंपनियों पर असर
पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि इस नियम के कारण लंबी अवधि की यात्राएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। पहले सीमा शुल्क जमा करने के बाद भारतीय वाहन नेपाल में लंबे समय तक संचालित हो सकते थे, लेकिन अब 30 दिन की बाध्यता ने यात्रा कंपनियों की परेशानी बढ़ा दी है। सिद्धार्थ संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशोर जोशी के अनुसार, इस सख्ती के कारण भारतीय ट्रेवल कंपनियां नेपाल के लिए पर्यटकों की बुकिंग लेने से परहेज कर रही हैं या बुकिंग रद्द कर रही हैं।
बेलहिया के पर्यटन व्यवसायी बिष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि सीमा पर पर्यटकों को अपनी गाड़ी बदलकर नेपाल की दूसरी गाड़ी लेने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। होटल संघ नेपाल, लुंबिनी प्रदेश के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रेष्ठ ने भी तर्क दिया है कि जब भारतीय पर्यटक वाहन नेपाल को सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) का भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें 30 दिनों की समय सीमा में बांधना अनुचित है।
प्रशासन का पक्ष और कानून की स्थिति
इस मामले पर भैरहवा भंसार कार्यालय के चीफ हरिहर पौडेल ने स्पष्ट किया है कि नेपाल के आर्थिक कानून में भारतीय वाहनों के लिए अधिकतम 30 दिन तक नेपाल में रहने का ही प्रावधान है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के कार्यान्वयन के बाद, प्रशासन कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सीमा शुल्क कार्यालय अपने स्तर से इस नियम में कोई छूट नहीं दे सकता है क्योंकि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
रुपन्देही के जिलाधिकारी बिश्वप्रकाश अर्याल ने भी पुष्टि की है कि स्थानीय प्रशासन कानून में स्वयं बदलाव करने में सक्षम नहीं है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस समस्या से संबंधित निकायों को अवगत कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस पर विचार किया जा सके। फिलहाल, सीमा पर यह नया नियम लागू है और भारतीय पर्यटक वाहनों को तय समय सीमा का पालन करना अनिवार्य हो गया है।