हरितालिका तीज पर प्रेरणा बनी समर्पण की यह कहानी
महराजगंज जिले के अड्डा बाजार स्थित जमुहरा कला गांव से एक भावुक कर देने वाली मिसाल सामने आई है। यहां की निवासी परमशीला ने अपने पति अशोक की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी है। हरितालिका तीज जैसे पवित्र त्योहार के समय सामने आई यह घटना पति-पत्नी के अटूट बंधन और त्याग की एक बड़ी मिसाल मानी जा रही है।
बीमारी और संघर्ष का दौर
चार साल पहले तक अशोक एक बीमा एजेंट के रूप में कार्यरत थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर थी। परमशीला स्वयं एक ब्यूटी पार्लर चलाकर परिवार के भरण-पोषण में अपना योगदान देती थीं। वर्ष 2022 में अशोक की तबीयत अचानक खराब होने के बाद जांच में उन्हें क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) होने का पता चला। गंभीर बीमारी के कारण अशोक का काम बंद हो गया और उपचार के भारी खर्च के कारण परिवार आर्थिक संकट में घिर गया।
किडनी प्रत्यारोपण और वर्तमान स्थिति
उपचार के दौरान जब डोनर नहीं मिल पाया, तो परमशीला ने स्वयं ही पति को किडनी दान करने का निर्णय लिया। दिसंबर 2024 में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में सफल प्रत्यारोपण प्रक्रिया संपन्न हुई। वर्तमान में भी अशोक का उपचार जारी है। परमशीला न केवल अपने पति की स्वास्थ्य देखभाल कर रही हैं, बल्कि अपने दोनों बेटों की पढ़ाई और घर के खर्चों का बोझ भी अपने कंधों पर उठाए हुए हैं।
जिले में किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता
महराजगंज में किडनी से जुड़ी बीमारियों की स्थिति चिंताजनक है। जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट के सीनियर टेक्नीशियन खुर्शीद खान के अनुसार, वर्तमान में 73 मरीज डायलिसिस पर आश्रित हैं। यदि निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीजों को भी इसमें जोड़ लिया जाए, तो यह संख्या 100 के पार पहुंच जाती है। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह का कहना है कि डायलिसिस करा रहे मरीजों के लिए किडनी प्रत्यारोपण ही एकमात्र स्थाई विकल्प है, जिसके लिए अंगदान करने वाले डोनर्स की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।