महाराजगंज जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़
महराजगंज जिले में पिछले तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश के बाद अब निकली तेज धूप ने मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा दिया है। सोमवार, 29 सितंबर 2026 को जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह ओपीडी खुलते ही पंजीकरण काउंटर, डॉक्टरों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। अस्पताल प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को ओपीडी में कुल 1515 मरीजों ने अपना उपचार कराया।
बीमारियों का विवरण और आंकड़े
जिला अस्पताल के चिकित्सा रिकॉर्ड के मुताबिक, बीमारियों का सबसे अधिक असर सर्दी, खांसी और बुखार के रूप में देखने को मिल रहा है। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- सर्दी-खांसी: 610 मरीज
- बुखार: 460 मरीज
- उल्टी-दस्त: 125 मरीज
- हड्डी रोग: 150 मरीज
- नेत्र रोग: 70 मरीज
- अन्य बीमारियाँ: 100 मरीज
रविवार को ओपीडी बंद होने के कारण सोमवार को मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया, जिससे अस्पताल परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। सुबह से ही मरीजों और उनके तीमारदारों को अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
चिकित्सकों की सलाह और प्रशासन की तैयारी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम में हो रहे अचानक उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की अपील की है। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा, ‘बुखार, खांसी या उल्टी-दस्त जैसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय पर उचित जांच और डॉक्टर की सलाह से ही उपचार शुरू करें।’
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि किसी को भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
सावधानी और स्थानीय प्रभाव
स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय निवासियों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे ताजा और सुपाच्य भोजन का सेवन करें तथा पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करें। जलजमाव वाले स्थानों से दूर रहने और मच्छरों से बचाव के उपाय करने को कहा गया है, क्योंकि इस मौसम में मौसमी बुखार के फैलने की आशंका बनी रहती है।