देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर जिलेभर में हर्षोल्लास
महाराजगंज जिले में बृहस्पतिवार को देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पुलिस लाइन, सरकारी संस्थानों, कारखानों और स्थानीय दुकानों में मशीनों, औजारों और उपकरणों की विशेष पूजा की गई। इस पावन दिवस पर जिले भर में तकनीकी सुरक्षा और कार्यकुशलता की कामना की गई।
पुलिस लाइन और रोडवेज वर्कशॉप में विधि-विधान से पूजन
पुलिस लाइंस की परिवहन शाखा में पुलिस अधीक्षक (SP) शक्ति मोहन अवस्थी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न कराया। एसपी ने शासकीय वाहनों, तकनीकी उपकरणों और शस्त्रों का पूजन किया। इस दौरान एएसपी सिद्धार्थ, सीओ सदर अंकुर कुमार गौतम, निचलौल क्षेत्राधिकारी और परिवहन शाखा के प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, रोडवेज वर्कशॉप में भी फोरमैन अरविंद कृष्ण त्रिपाठी के सानिध्य में मशीनों का पूजन किया गया। शहर के नेहरू नगर स्थित विश्वकर्मा मंदिर और श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता मंगल समेत भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति दी।
विकास भवन में 50 लाभार्थियों को मिला रोजगार का संबल
जयंती के मुख्य कार्यक्रमों में से एक विकास भवन के सभागार में आयोजित हुआ। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 50 चयनित लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई। साथ ही, ओडीओपी (ODOP), मुख्यमंत्री युवा योजना और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभार्थियों को टूलकिट और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल, पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया और भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने इस दौरान कहा कि सरकार की इन योजनाओं से स्थानीय कारीगरों को आधुनिक साधन उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनका कौशल और रोजगार बढ़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा उत्साह
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी जयंती के आयोजन किए गए। सिसवा बाजार की आईपीएल चीनी मिल में अधिकारियों ने भगवान विश्वकर्मा की आराधना की। इसके अलावा भिटौली के सेमरा राजा, पुरैना खंडी चौरा और फरेंदा क्षेत्र के दक्षिणी बाईपास, मथुरानगर व रतनपुर खुर्द सहित कई स्थानों पर सामूहिक पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्थानीय निवासियों और कारीगरों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।