बौद्ध स्थलों के विकास के लिए सड़क संपर्क की मांग
महराजगंज जिले के प्रमुख बौद्ध और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। समिति ने चौक बाजार से रामग्राम होते हुए देवदह तक सड़क निर्माण और इसे कपिलवस्तु-लुंबिनी लिंक मार्ग से जोड़ने का आग्रह किया है।
पर्यटन और स्थानीय विकास के लिए सड़क नेटवर्क जरूरी
समिति के पदाधिकारियों का तर्क है कि महराजगंज जनपद में बौद्ध धर्म से संबंधित कई प्राचीन स्थल स्थित हैं, जिनमें रामग्राम और देवदह का अपना विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। वर्तमान में इन महत्वपूर्ण केंद्रों के बीच सुगम सड़क संपर्क का अभाव है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि इन स्थलों को कपिलवस्तु-लुंबिनी लिंक मार्ग से जोड़ दिया जाए, तो यह पूरा क्षेत्र एक सशक्त बौद्ध पर्यटन सर्किट के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
डीएम को सौंपा गया विस्तृत मांगपत्र
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के संरक्षक और जिला पंचायत सदस्य सुरेश चन्द्र सहानी, अध्यक्ष जितेन्द्र राव, उपाध्यक्ष महेन्द्र जायसवाल तथा महामंत्री लक्ष्मीचंद पटेल शामिल रहे। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि चौक बाजार से रामग्राम और देवदह का मार्ग विकसित होने से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायियों के लिए इन स्थलों तक पहुँचना आसान हो जाएगा। पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लेने की अपील की है।
क्षेत्र के विकास के लिए संभावित लाभ
- बौद्ध पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा।
- चौक बाजार और आसपास के गांवों के लिए सुगम यातायात की सुविधा होगी।
- क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार में वृद्धि होगी।
- प्राचीन स्थलों का संरक्षण और प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो सकेगा।
फिलहाल, समिति ने प्रशासन से इस मामले में सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है ताकि भविष्य में इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान मिल सके।